आज आपका व्यक्तिगत आकर्षण और करियर का जोश मजबूत है, जो आपको पेशेवर जिम्मेदारियों को आत्मविश्वास से संभालने में मदद करेगा। इसके साथ ही, अपनी दैनिक जीवनशैली में संतुलन रखें और कुछ समय विश्राम के लिए भी निकालें।
| ग्रह |
भाव |
शास्त्रीय ग्रंथों से |
| सूर्य |
बारहवाँ भाव |
द्वादश भाव में सूर्य सांसारिक और पारस्परिक व्यवहार, रिश्तेदारों तथा दायित्वों से संबंधित होता है, और सामान्यतः इस भाव को कमजोर करने वाला तथा प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न करने वाला माना जाता है। — L06 |
| चंद्र |
छठा भाव |
चंद्रमा का प्रभाव जब षष्ठ भाव तक पहुँचता है तो यह स्वास्थ्य और शारीरिक स्थिति से संबंधित होता है, और भौतिक सुख के बावजूद घरेलू कलह ला सकता है। — L05 |
| मंगल |
दसवाँ भाव |
मंगल दसवें भाव (कर्म और मध्याह्न का भाव) में स्थित होने पर बलवान होता है, ठीक वैसे ही जैसे सूर्य दोपहर के समय बलवान होता है। — V18 |
| बुध |
पहला भाव |
विद्वान, सुविज्ञ, जादू और खगोल का शौकीन, प्रेत उतारने में समर्थ, गणित और काव्य का प्रेमी, सम्मानित, दीर्घायु। — NV17 |
| गुरु |
दसवाँ भाव |
बृहस्पति दशम भाव में नीच होकर भी शुभ माना जाता है और कर्म व करियर संबंधी मामलों को बल देता है। — V14 |
| शुक्र |
पहला भाव |
मनमथ के समान सुंदर, स्त्रियों को मोह लेने वाला, धनवान और विद्वान। — V06 |
| शनि |
छठा भाव |
शनि छठे भाव का स्वाभाविक कारक माना जाता है, और वहाँ इसकी उपस्थिति, विशेषकर शुक्र के साथ, हाथों को प्रभावित कर सकती है या पुरुषत्व की कमी दर्शा सकती है। — V10 |
| राहु |
पाँचवाँ भाव |
पंचम भाव में राहु, जब मंगल या बुध लग्न में हों, जननांगों पर तिल या चिह्न का संकेत देता है। — V06 |