आज आपके रोज़मर्रा के काम और शांत आराम की ज़रूरत के बीच तालमेल बिठाने का दिन है। जहाँ एक तरफ घर का माहौल आपको सुकून देगा, वहीं दूसरी तरफ आपको कुछ साझेदारी या पैसों के मामलों को भी संभालना पड़ सकता है। हर काम इत्मीनान से करें और थोड़ा आराम भी ज़रूर करें।
| ग्रह |
भाव |
शास्त्रीय ग्रंथों से |
| सूर्य |
छठा भाव |
छठे भाव में सूर्य यदि पापग्रहों से पीड़ित हो तो नाभि क्षेत्र में पित्त विकार या घाव उत्पन्न कर सकता है, और मंगल-चंद्रमा के साथ त्वचा रोग ला सकता है। — V15 |
| चंद्र |
बारहवाँ भाव |
रोगग्रस्त आँखें, दोषपूर्ण अंग, स्त्रियों से कष्ट, और चंचल मन वाला। — V06 |
| मंगल |
चौथा भाव |
दूसरों के घरों में रहने का इच्छुक, रोगी, फिर भी धनवान। — V06 |
| बुध |
सातवाँ भाव |
बुध का सातवें भाव में होना, कुछ स्थितियों में, संतान में पुत्रियों की अधिकता दर्शाता है। — V10 |
| गुरु |
चौथा भाव |
चौथे भाव में बृहस्पति व्यक्ति को माता, मित्रों, सेवकों, संतान, पत्नी और धन के साथ सुखी जीवन देता है। — V04-CLEAN |
| शुक्र |
सातवाँ भाव |
सातवें भाव में शुक्र स्त्री की कुंडली में पति से संबंधित बातों को दर्शाता है, और चंद्रमा तथा बुध के साथ होने पर पुत्री की उत्पत्ति का संकेत देता है। — V09 |
| शनि |
बारहवाँ भाव |
बारहवें भाव में शनि व्यक्ति को निर्लज्ज, निर्धन, निःसंतान, शारीरिक दोषयुक्त और शत्रुओं से पीड़ित बनाता है। — V04-CLEAN |
| राहु |
ग्यारहवाँ भाव |
ग्यारहवें भाव में राहु योगकारक माना जाता है, जो लाभ और शुभ योगों को दर्शाता है। — V07 |