आज आपका ध्यान रोज़मर्रा के कामों और करीबी रिश्तों के बीच बँटा है — काम की माँगें साफ़ हैं, लेकिन अपने साथी या किसी अहम व्यक्ति से बातचीत भी उतनी ही ज़रूरी हो सकती है। शनि अब भी आपको अपनी बातों और खर्च पर नज़र रखने की याद दिला रहे हैं, जबकि मंगल रचनात्मक मामलों या बच्चों को लेकर बेचैनी जगा रहे हैं — अगर कुछ तनावपूर्ण लगे तो ज़ोर से ज़्यादा सब्र काम आएगा।
| ग्रह |
भाव |
शास्त्रीय ग्रंथों से |
| सूर्य |
छठा भाव |
छठे भाव में सूर्य, लग्न में बृहस्पति और दसवें भाव में चंद्रमा के साथ, विजय और सफलता का संकेत देता है। — V25 |
| चंद्र |
सातवाँ भाव |
अपनी पत्नी के निकट, राजा की सेवा में प्रमुख व्यक्ति, और उदार। — V06 |
| मंगल |
पाँचवाँ भाव |
पाँचवें भाव में मंगल संतानहीनता या संतान संबंधी कठिनाई से जुड़ा होता है; ग्यारहवें भाव के साथ इसे विशेष रूप से संतान के विषय में देखा जाता है। — V16 |
| बुध |
छठा भाव |
यह विवादों के कारण क्रोध, कठोर वाणी और आलस्य की ओर प्रवृत्त होता है, परंतु शत्रुओं की शक्ति का नाश। — V04 |
| गुरु |
छठा भाव |
शत्रुरहित, राजा का मंत्री, और विवेकशील। — V06 |
| शुक्र |
आठवाँ भाव |
दीर्घ आयु, धन, और पृथ्वी पर शासन का सूचक है। — V04 |
| शनि |
दूसरा भाव |
धन खोने वाला, दो पत्नियाँ, कम भूमि, रोगी मुख, शिक्षा में विघ्न, व्यभिचारी, मद्यप, हकलाहट। — NV17 |
| राहु |
पहला भाव |
लग्न में राहु, विशेषकर यदि सूर्य सप्तम भाव में हो, तो अंधापन या गंभीर नेत्र दोष उत्पन्न कर सकता है। — N01 |