आज आपका ध्यान मुख्य रूप से धन और अपनी संपत्ति पर रहेगा, जहाँ थोड़ी सी समझदारी से आप पुराने आर्थिक मामलों को सुधार सकते हैं। साथ ही, साझे के धन और अन्य संसाधनों को लेकर थोड़ी सावधानी बरतने और दूसरों से स्पष्ट बात करने की ज़रूरत है। अपने दैनिक कामों को संभाल कर रखें और घर तथा काम पर शांति बनाए रखने के लिए अपनी बोलचाल में संयम रखें।
| ग्रह |
भाव |
शास्त्रीय ग्रंथों से |
| सूर्य |
आठवाँ भाव |
आठवें भाव में सूर्य बीमारी का भय और जीवनसाथी से संबंधित कठिनाइयाँ लाता है। — V13 |
| चंद्र |
दूसरा भाव |
द्वितीय भाव में चंद्रमा उच्च का होता है, जो अत्यंत उत्तम और लाभकारी परिणाम देता है। — L05 |
| मंगल |
छठा भाव |
छठे भाव में मंगल शत्रुओं, भय और झगड़ों पर विजय दिलाने में सहायक होता है और संघर्षों के समाधान का संकेत देता है। — V13 |
| बुध |
नौवाँ भाव |
नौवें भाव में शुभ बुध खानदान की प्रतिष्ठा और निरंतरता बनाए रखता है, जबकि अशुभ बुध व्यक्ति को दूसरों की सेवा में लगा देता है। — L01 |
| गुरु |
छठा भाव |
छठे भाव में बृहस्पति व्यक्ति को आलसी और अनादरित बनाता है, फिर भी शत्रुओं का नाश करने वाला और तंत्र-मंत्र में निपुण होता है। — V04-CLEAN |
| शुक्र |
नौवाँ भाव |
नौवें भाव में शुक्र पत्नी, मित्र और संतान का आशीर्वाद देता है और राजकीय कृपा से समृद्धि लाता है। — V04-CLEAN |
| शनि |
दूसरा भाव |
द्वितीय भाव में शनि धन, सुख और स्वास्थ्य की हानि करता है। — V09 |
| राहु |
पहला भाव |
लग्न में राहु, विशेषकर यदि सूर्य सप्तम भाव में हो, तो अंधापन या गंभीर नेत्र दोष उत्पन्न कर सकता है। — N01 |