आज आपको दो दिशाओं में खींचेगा: चंद्रमा आस्था, यात्रा या कुछ सार्थक सीखने में मन उठाता है, जबकि सूर्य, बुध और बृहस्पति साझा धन और गहरी प्रतिबद्धताओं के कोने में जमा हैं — इसलिए संयुक्त वित्त या छिपे मामलों को सावधानी से संभालें। घर में शनि अभी परिवार या संपत्ति की चिंताओं में धैर्य मांग रहा है, और काम पर शुक्र किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति की नज़र में आने का शांत अवसर लाता है।
| ग्रह |
भाव |
शास्त्रीय ग्रंथों से |
| सूर्य |
आठवाँ भाव |
दोषपूर्ण दृष्टि, कम संतान; रोग और यश दोनों उसके जीवन की पहचान हैं। — V06 |
| चंद्र |
नौवाँ भाव |
समृद्धि, सद्गुण, संतान, विजय, और आरंभ से ही कार्यों में सफलता का सूचक है। — V04 |
| मंगल |
सातवाँ भाव |
यदि मंगल दूसरे भाव में स्थित पीड़ित सप्तमेश को देखे तो यह जारज संतान के जन्म का संकेत देता है। — V15 |
| बुध |
आठवाँ भाव |
आठवें भाव में बुध व्यक्ति को व्यापक रूप से प्रसिद्ध और दीर्घायु बनाता है। — V04-CLEAN |
| गुरु |
आठवाँ भाव |
यदि बृहस्पति आठवें घर में हो और उस पर दो या तीन पाप ग्रहों की दृष्टि हो (जबकि लग्न मौन हो), तो जातक को गूढ़ ज्ञान की प्राप्ति होती है। परंतु यदि वह शत्रु राशि में पाप दृष्टि के साथ स्थित हो, तो सामान्यतः जातक की बुद्धि कुंठित हो जाती है, चाहे बृहस्पति वक्री ही क्यों न हो। — L04 |
| शुक्र |
दसवाँ भाव |
व्यापक ख्याति, मित्रों, और प्रसन्नतापूर्वक निभाए जाने वाले स्वामी के पद का संकेत करता है। — V04 |
| शनि |
चौथा भाव |
चौथे भाव में सूर्य जैसा प्रभाव: सुख से वंचित, मन से व्याकुल। — V03 |
| राहु |
तीसरा भाव |
तीसरे भाव पर राहु का अशुभ प्रभाव छोटे भाई-बहन के लिए हानि या कष्ट का संकेत देता है। — V11 |